Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण और उपचार
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिंग यानी पीनस में कई वजहों से पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकते हैं। पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ बहà¥à¤¤ आम हो सकते हैं, जो थोड़ी से देखà¤à¤¾à¤² पर आसानी से ठीक à¤à¥€ हो जाते हैं, लेकिन कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में यह घातक à¤à¥€ हो सकते हैं। तो चलिठजानते हैं पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ कà¥à¤¯à¤¾, इसके लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं और इसका इलाज किस तरह से किया जा सकता है।
पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ (Penile Yeast Infection) कà¥à¤¯à¤¾ है?
जिस तरह महिलाओं की योनि में गà¥à¤¡ और बैड बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मौजूद होते हैं, उसी तरह पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिंग में à¤à¥€ यीसà¥à¤Ÿ या कैंडीडा à¤à¤²à¥à¤¬à¥€à¤•ैंस नामक यीसà¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ पहले ही मौजूद होते हैं, जिसकी वजह से लिंग में बहà¥à¤¤ ही आसानी से यीसà¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ या फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ पैदा हो सकते हैं। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पैदा करने वाले फंगस लिंग की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में मौजूद रहते हैं। इस तरह के फंगल नमी या शà¥à¤·à¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाà¤à¤‚ जाते हैं। यह किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में हो सकता है। आमतौर पर, 20 की उमà¥à¤° के बाद जब लिंग में तनाव अधिक बढ़ने लगता है, तो इनका खतरा à¤à¥€ बढ़ जाता है। आइठजानते हैं पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ और उपचार।
पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ (Symptoms of Penile Yeast Infection)
पीनस के हेड à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में रेडनेस होना (Redness in the head area of ​​the penis)
सूजन होना (Swelling up)
खà¥à¤œà¤²à¥€ होना (Itching)
लगातार दरà¥à¤¦ होना (Constant Pain)
पीनस की टिप से मवाद आना (Pus from the tip of the penis)
पीनस से बदबू आना (Stink from the penis)
पेशाब के दौरान दरà¥à¤¦ (Pain during urination)
पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कारण (Cause of Penile Yeast Infection)
पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के कई कारण हो सकते हैं। हालांकि, साफ-सफाई का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न रखना सबसे आम कारणों में से à¤à¤• होता है।
1.पेनाइल यीसà¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ (Penile Yeast Infection)
पेनाइल यीसà¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से पीड़िता महिला के साथ संà¤à¥‹à¤— करने पर इसका खतरा सबसे अधिक फैल सकता है, जिसे असà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ संà¤à¥‹à¤— à¤à¥€ कहा जाता है। इसलिठसंà¤à¥‹à¤— करने से पहले महिला और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों अपने शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की जांच जरूर करवाà¤à¤‚।
2.डायबिटीज (Diabetes)
डायबिटीज और टाइप 2 से पीड़ित पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का खतरा सबसे अधिक रहता है।
3.सेकà¥à¤¸ के बाद साफ-सफाई पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न देना (Post sex poor hygeine)
अकà¥à¤¸à¤° लोग सेकà¥à¤¸ करने के बाद सोना पसंद करते हैं, लेकिन सेकà¥à¤¸ करने से पहले और बाद में शरीर को साफ करना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। à¤à¤¸à¤¾ न करने से à¤à¤• दूसरे के निजी अंगों के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ फैल सकते हैं, जो गंà¤à¥€à¤° बीमारी का कारण à¤à¥€ बन सकते हैं।
3.साफ-सफाई न करना (Practice poor hygiene)
पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ के लिंग पर अकà¥à¤¸à¤° सफेद रंग का à¤à¤• पदारà¥à¤¥ जमा हो जाता है, जिसे साफ करना बेहद जरूरी होता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, यह पदारà¥à¤¥ पीनस में हर दिन बढ़ता रहता है, जो कई तरह के इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह बन सकता है। इसके लिठजब à¤à¥€ बाथरूम या नहाने जाà¤à¤‚, तो पीनस हेड को अचà¥à¤›à¥‡ से साफ करें। इसे साफ करने के लिठसिरà¥à¤« साफ पानी का ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
4.खतना (Circumcision)
कà¥à¤› विशेष धरà¥à¤® समà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¥‹à¤‚ में महिला और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ का खतना किया जाता है। खतना निजी अंगों से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है। इसके लिठपीनस के अगले हिसà¥à¤¸à¥‡ की चमड़ी का à¤à¤• à¤à¤¾à¤— हलà¥à¤•ा-सा काट दिया जाता है, जिससे पीनस के अगले हिसà¥à¤¸à¥‡ में à¤à¤• घाव हो जाता है, जो कà¥à¤› समय बाद à¤à¤° जाता है, लेकिन यह à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में कई तरह के इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकता है।
पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ (Penile Yeast Infection) को कब गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना चाहिà¤?
कà¥à¤› मामलों में पीनस इंफेकà¥à¤¶à¤¨ घर पर ही आसानी से कà¥à¤› बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रख कर ठीक किया जा सकता है, लेकिन कई मामलों में यह घातक à¤à¥€ हो सकता है, जिससे बचने के लिठआपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ कà¤à¥€-कà¤à¥€ पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ यौन संचारित संकà¥à¤°à¤®à¤£ (STI) या इनवेसिव कैंडिडिआसिस का कारण बन जाता है। अगर इसके इलाज करने के बाद à¤à¥€ पीनस के हेड में बार-बार छाले की समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है, तो यह डायबिटीज होने का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, और à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं जिनके लकà¥à¤·à¤£ देखने पर आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करना चाहिà¤, जैसे
पेशाब में खून आना (Blood in Urine)
मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ होना (Nausea and Vomiting)
पीनस हेड में छाले दिखाई देना (Blisters visible in penis head)
शरीर का तापमान बढ़ना (Rise Body temperature)
पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का उपचार (Treatment for Penile Yeast Infection)
1.सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें (Take care of cleanliness)
गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚गों को हमेशा साफ रखें। इसे साफ करने के लिठहेड की चमड़ी को धीरे-धीरे पीछे हटाà¤à¤‚ और चमड़ी के नीचे के à¤à¤¾à¤— को साफ पानी से साफ करें। धोने के बाद इसे अचà¥à¤›à¥‡ से सà¥à¤–ा लें। कà¥à¤› लोग इसे सà¥à¤–ाते नहीं है, जो à¤à¤• बड़ी गलती है।
2.सूती कपड़ा पहनें (Wear cotton clothes)
पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचने के लिठकपड़ों का सही चयन करना बेहद जरूरी है। गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚गों में पसीना न हो और हवा मिलती रहे, इसके लिठहमेशा कॉटन के कपड़े पहनें। à¤à¤¸à¥‡ कपड़े या अंडरगारà¥à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ न पहनें, जिनसे पसीना जमा होता हो।
3.कंडोम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² (While sex use condom)
सेकà¥à¤¸ करने के दौरान, हमेशा कंडोम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, ताकि यौन जनित रोगों से बचें रहें।
4.सेकà¥à¤¸ करने के बाद सफाई करें (After having sex clean your genital areas)
सेकà¥à¤¸ करने के बाद लिंग अचà¥à¤›à¥‡ से साफ करना चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤› लोग इसके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लापरवाही बरतते हैं। à¤à¤¸à¥€ गलती बिलà¥à¤•à¥à¤² न करें।
5. योगरà¥à¤Ÿ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें
योगरà¥à¤Ÿ à¤à¤• नैचà¥à¤°à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• है। अपनी डायट में योगरà¥à¤Ÿ शामिल करें। यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ने से रोकने में मदद करता है।
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉकà¥à¤Ÿà¤° शरयॠमाकणीकर, जो काउंसलिंग à¤à¥€ करती हैं, कहना है, â€à¤ªà¥‡à¤¶à¤¾à¤¬ करने के बाद पीनस को अचà¥à¤›à¥‡ से साफ करें। फिर उसे अचà¥à¤›à¥‡ से सà¥à¤–ा लें। इसके बाद अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥‡ से धोà¤à¤‚ और हाथों को à¤à¥€ सà¥à¤–ा लें। पीनस फंगल से बचे रहने के लिठहमेशा साफ-सà¥à¤¥à¤°à¥‡ और सूखे कपड़े पहनें। गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚गों तक हवा पास हो इसके लिठकॉटन से बने अंडरगारà¥à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ पहनें।â€
पेशाब करने के बाद लिंग के ऊपरी कवर को अचà¥à¤›à¥‡ से साफ करना चाहिà¤à¥¤
इसके अलावा, अगर आपको पीनस फंगल की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो तà¥à¤°à¤‚त इंटरोकरà¥à¤¸ बंद कर दें। अपने साथी से तब तक दूरी बनाà¤à¤‚ रखें, जब तक यह समसà¥à¤¯à¤¾ पूरी तरह से ठीक न हो जाà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसका खतरा आपके साथी को à¤à¥€ हो सकता है। उसके उपचार के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद लें। खà¥à¤¦ से या किसी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठकिसी à¤à¥€ उपचार को करने से बचें।
अगर आपको पीनस फंगल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ किसी à¤à¥€ तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दें, तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ संपरà¥à¤• करें। साथ ही, उनसे इसके उपचार के लिठघरेलू उपायों के बारे में à¤à¥€ जानकारी लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि घरेलू उपाय इसके लिठसबसे बेहतर उपचार हो सकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |